खाती समाज

खाती समाज के मनोज चौधरी म.प के शिक्षा विभाग के समिति सदस्य बने

मनोज चौधरी खाती समाज के मनोज चौधरी म.प के शिक्षा विभाग के समिति सदस्य बने मप्र शिक्षा विभाग
परामर्श दात्री समिति सदस्य बने
अनिल धौसरिया हाटपीपल्या
हाटपीपल्या। मध्यप्रदेश स्कूली शिक्षा मंत्री डाक्टर प्रभुराम चौधरी द्वारा
विधायक मनोज चौधरी को शिक्षा विभाग परामर्श दात्री समिति का सदस्य
बनाये गया चौधरी की नियुक्ति पर पुर्व बीज
निगम अध्यक्ष शांतिलाल गामी ब्लांक अध्यक्ष
छगनलाल मिस्त्री शहर अध्यक्ष कन्हैया लाल
सोनी पुर्व नप अध्यक्ष शांतिलाल तंवर पार्षद
अशोक पटेल पुर्व जिला कांग्रेस महामंत्री
राजेश तंवर युवा कांग्रेस नेता बंशी तंवर पार्षद
शेलेन्द्र राजावत पार्षद भुजराम जाट पार्षद
हारून मंसूरी कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष राजेश
बिंजवा कपील तंवर विधायक प्रतिनिधि
राजेन्द्र सिंह सेंधव कवड़िया विधायक प्रतिनिधि जसमत सिंह सेंधव कैलोद
कमल पाटीदार सरपंच देहरिया साहू कन्हैया मिस्त्री युवा नेता श्याम
जमोड़िया नगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष बंटी गरोठिया उपाध्यक्ष संदीप प्रजापत
आदी द्वारा चौधरी की नियुक्ति पर बधाई देते हुऐ शिक्षा मंत्री चौधरी का
आभार माना !

खाती समाज के मनोज चौधरी म.प के शिक्षा विभाग के समिति सदस्य बने

मध्य प्रदेश चुनाव 2018: हाटपिपल्‍या सीट पर कांग्रेस का कब्जा, मनोज चौधरी जीते

मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद आज मतगणना पूरी हो चुकी है. हाटपिपल्‍या विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दीपक जोशी और कांग्रेस के मनोज चौधरी के बीच मुकाबला रहा. ताजा नतीजों में कैलाश जोशी ने जीत दर्ज की है.

फोटो- आजतकफोटो- आजतक
श्याम सुंदर गोयल

नई द‍िल्‍ली, 11 दिसंबर 2018, अपडेटेड 12 दिसंबर 2018 12:53 IST

मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद आज मतगणना पूरी हो चुकी है. हाटपिपल्‍या विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दीपक कैलाश जोशी और कांग्रेस के मनोज नारायण चौधरी के बीच मुकाबला रहा. ताजा नतीजों में मनोज नारायण चौधरी ने जीत दर्ज की है.

हाटपिपल्‍या विधानसभा सीट में 2013 के चुनाव में दीपक कैलाश जोशी ने कांग्रेस के ठाकुर राजेन्द्र सिंह बघेल को 6175 वोटों के अंतर से हराया था.

खाती समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 7 को……

 शुजालपुर | ग्राम अरनियाकलां में अखिल भारतीय चंद्रवंशी खाती समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 7 मई को आयोजित होगा। … सामूहिक विवाह

शुजालपुर | ग्राम अरनियाकलां में अखिल भारतीय चंद्रवंशी खाती समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 7 मई को आयोजित होगा। सामूहिक विवाह

इसमें सीहोर, आष्टा, कालापीपल, शुजालपुर, शाजापुर, पोलायकलां, तिलावद मैना, अरंडिया सहित विभिन्न गांव से समाज के युवक-युवतियों का विवाह समारोह होगा। इस दौरान गांव में कलश यात्रा निकाली जाएगी। समारोह गांव के गणेश मंदिर समिति द्वारा मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा। समिति के रामचंद्र सोनानिया ने बताया कि समिति द्वारा पंजीयन किया जा रहा है। अक्षय तृतीय पर श्रीराम मांगलिक भवन चंद्रवंशी क्षत्रिय खाती समाज के सामूहिक विवाह समारोह में 79 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। प्रातः से ही वर-वधु का पोलायकलां आना प्रारंभ हो गया। प्रातः 9ः00 सभी को ट्रैक्टर में बिठाकर सामूहिक रूप से जुलूस के रूप में नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला गया।

जगह-जगह नगरवासियों ने स्वागत किया। इस दौरान आतिशबाजी, ढोल एवं डीजे के साथ श्रीराम मांगलिक भवन लाया गया। यहां विवाह संपन्ना हुए। अतिथियों ने लड़कियों को दान भी दिया। सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी नगरवासी व्यवस्था संभालते हैं। विवाह सम्मेलन के लिए मंगलवार सुबह से ही खाती समाज के लोग विभिन्न जिलों से कानड़ में एकत्र होंगे। इससे आगर सारंगपुर मार्ग पर नवीन बस स्टैंड से लेकर आगर रोड़ स्थित टंकी नाला तक वाहनों का भारी जमावड़ा होगा। विवाह स्थल आगर रोड स्थित दरबार कृषिफॉर्म पर सम्पन्न होगा। गर्मी से बचने के लिए यहाँ विशाल पांडाल बनाये गए है वही विशाल पेड़ पौधे भी लगे हुए है।  फिजूल खर्ची को रोकने के लिए जो पहल शुरू की गई थी, वह आज अन्य समाज व लोगों के लिए प्रेरणादायी है।

सामूहिक विवाह -khati samaj
खाती समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 7 को-khati samaj

खाती समाज धर्मशाला पुरे (म. प्र.) में

खाती समाज धर्मशाला पुरे (म. प्र.) में

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश की शीतकालीन राजधानी है। यह हिमाचल राज्य के कांगड़ा जिले का मुख्यालय है,खाती समाज धर्मशाला पुरे (म. प्र.) में और कांगड़ा नगर से १६ किमी की दूरी पर स्थित है। धर्मशाला खाती समाज के मैक्लॉडगंज उपनगर में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के मुख्यालय हैं, और इस कारण यह दलाई लामा का निवास स्थल तथा निर्वासित तिब्बती सरकार की राजधानी है। धर्मशाला को भारत सरकार के स्मार्ट सिटीज मिशन के अंतर्गत एक स्मार्ट नगर के रूप में विकसित होने वाले सौ भारतीय नगरों में से एक के रूप में भी चुना गया है।  ऐसी मान्यता है की नगर का नाम धर्मशाला शब्द से उत्पन्न हुआ है।

यह नगर वर्ष १८४९ में कांगड़ा में स्थित सैन्य छावनी के लिए अस्तित्व में आया। वर्ष १८५५ में धर्मशाला को कांगड़ा जिले का मुख्यालय घोषित किया गया था। धर्मशाला में सिविलियन और छावनी क्षेत्र की बढ़ती चहल-पहल को देखते हुए यहां सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाने के लिए नगर परिषद बनाने का विचार बना था। पांच मई १८६७ को यहां नगर परिषद अस्तित्व में आई थी।  उस समय बनी नगर परिषद की पहली बैठक भी ६ मई १८६७ को तत्कालीन जिलाधीश सीएफ एल्फिनस्टोन की अध्यक्षता में हुई थी।

धर्मशाला के १८६७ में नगर परिषद बनने के बाद यहां सुविधाओं में इजाफा हुआ। १८९६ में धर्मशाला में बिजली भी लोगों मिलनी शुरू हुई थी। तत्पश्चात नगर में कार्यालयों के विकास के अतिरिक्त व्यापार व वाणिज्य, सार्वजनिक संस्थान, पर्यटन सुविधाओं तथा परिवहन गतिविधयों में भी उन्नति हई। वर्ष १९०५ व् १९८६ के भूकम्पों से नगर का बहुत नुकसान हुआ। १९२६ से १९४७ के बीच यहां पर इंटर कॉलेज सहित महाविद्यालय खुला तो वर्ष १९३५ में सिनेमा हाल भी यहां खुला। बढ़ते समय के साथ-साथ सामाजिक सुधारों के साथ संगीत, साहित्य और कला के क्षेत्र में भी यह क्षेत्र कहीं पीछे नहीं रहा। १९६० से महामिहम दलाई लामा का मुख्यालय भी धर्मशाला में स्थित है।

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