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  • मेरा नाम अंकित मुकाती हे और मेरे पिताजी का नाम दिलीप मुकाती हे और माताजी का नाम संगीता मुकाती हे में पोटलोद गांव में रहता हु और में खाती हु मेने अपनी पढ़ाई में सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग कि पढ़ाई करी हे और में अपना पूरा समय समाज की भलाई और सहायता के लिए अपना पूरा समय देता हु
  • मेरे द्वारा समाज को बहुत सी जानकारी प्रदान कराइ जा रहे हे और में लोगो को बी बहुत सी सुविधा देना चाहता हु जैसे खाती समाज का इतिहास खाती के गोत्र और बी बहुत कुछ और मेरे दुवारा सभी भेरू महाराज के मंदिर और उन के इकठ्ठे किये जा रहे हे

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अनमोल वचन 


–> विफलता बस फिर से शुरू करने का अवसर है, इस बार और अधिक समझदारी से |

–> आगे बढ़ने वाला व्यक्ति कभी किसी को बाधा नहीं पहुंचता और दूसरों को बाधा पहुंचाने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ता |

–> सबसे सार ग्रहण करना, मनुष्य का परम कर्तव्य है |

–> केवल कथनी काम नहीं देती, करनी ही उत्तम है |

–> ज्ञान को कर्तव्य में उतारना ही सर्वोपरि है |

–> सत्य से सदा दृढ़ लगन अर्थात प्रेम करना चाहिए |

–> जो कसौटी पर टिकता है, वही खरा उतरता है |

–> पर – निंदा सबसे बुरी है, इसका सर्वथा त्याग करो |

–> क्रोध महापाप है, इसका त्याग करना आवश्यक है |

–> पाप का मूल लोभ है, इसे त्यागो |

–> अहंकार दुखों की खानि है, अत: इसे त्यागो |

–> मान – बड़ाई का अहं कल्याण – मार्ग का बड़ा रोड़ा है, इसका त्याग करना परम कर्तव्य है |

–> दुखों की खानि आशा – तृष्णा त्यागने योग्य है |

–> कर्मानुसार जीव को फल मिलते है, कर्मों का सुधार करना कर्तव्य है |

–> जब तक स्वाद की आसक्ति नहीं जीत ली जाती, तब तक मन इन्द्रियां स्ववश नहीं होंगी, अत: इसे जीतो |

–> धन – धर्म – बुद्धि नाशक नशा का सदा परित्याग करो |

–> सार – असार, जड़ – चेतन का पृथक करना ही विवेक है |

–> विचार निर्मल जल के समान मल को धोता है, अत: विचार ग्रहण करो |

–> अपने मार्ग में एकरस चलते रहने के लिए धैर्य की परम आवश्यकता है |

–> क्षमा महान शस्त्र है, क्षमा धारण करने से ही सर्वत्र विजय है |

–> गलती करना मानवीय हैं, क्षमा करना ईश्वरीय |

–> शील सर्वोच्च गुण है, शीलवान मनुष्य ही सर्वोच्च मनुष्य है |

–> संतोष – बिना सुख नहीं |

–> दया के बिना मनुष्य पशु तुल्य है |

–> सत्य पर ही सब निर्भर है |

–> समय सबसे मूल्यवान धन है | Time is Money.

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