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खाती दर्पण

khati samaj

खाती दर्पण

coming soon खाती दर्पण 

  • जब रिश्ता नया होता है,
    तो लोग बात करने का बहाना ढ़ुढ़ते है,
    और जब वही रिश्ता,
    पुराना हो जाता है,
    तो लोग दूर होने का बहाना ढूढ़ते है ।
  • मैने एक बुजुर्ग से पूछा..?
    आज के समय में सच्ची इज्जत किसकी होती है…?
    बुजुर्ग ने जवाब दिया:-इज्जत किसी इंसान की नहीं होती,जरुरत की होती है….
    “जरुरत ख़त्म तो इज्जत ख़त्म!
  • बात “संस्कार” और “आदर” की होती है, दोस्तो.. वरना,
    जो इंसान सुन सकता है, वो सुना भी सकता है” !!
 

  • जिन्दंगी को समझना बहुत मुशकिल हैं.
    कोई सपनों की खातिर “अपनों” से दूर रहता हैं…..
    और , कोई “अपनों” के खातिर सपनों से दूर.
 

  • कितना अजिब हैं…..दुनिया का दस्तूर,
    लोग इतनी जल्दी बात नहीं मानते, जितनी जल्दी बुरा मान जाते है !
  • जिसको जो कहना है कहने दो अपना क्या जाता है..
    ये वक्त-वक्त कि बात है, सबका वक्त आता है…!!
  • सबको उसी तराजू में तोलिए जिसमें खुद को तोलते हो,
    फिर देखना लोग उतने भी बुरे नहीं हैं जितना हम समझते हैं।
  • ‘मीठा झूठ’ बोलने से अच्छा है ‘कड़वा सच’ बोला जाए..
    इससे आपको ‘सच्चे दुश्मन’ जरूर मिलेंगे लेकिन
    ‘झूठे दोस्त’ नहीं!
  • अभी तो इस बाज की असली उड़ान बाकी है
    अभी तो इस परिंदे का इम्तिहान बाकी है
    अभी अभी मैंने लांघा है समुंदरों को
    अभी तो पूरा आसमान बाकि है
  • लोग क्या कहेंगे
    यह सोच कर जीवन जीते हैं
    भगवान् क्या कहेंगे
    क्या कभी इसका विचार किया
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